रक्षा बंधन का त्योहार प्राचीन भारतीय परंपरा से जुड़ा हुआ है, जिसमें भाई-बहन के रिश्ते को मनाया जाता है। 

इतिहास में, राजाओं और रानियों ने अपने शासन की रक्षा के लिए राखी का आदान-प्रदान किया था। 

यह त्योहार केवल भारत में नहीं, बल्कि नेपाल और पाकिस्तान में भी बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। 

रक्षा बंधन की तिथि हर साल सावन पूर्णिमा को पड़ती है, जो हिंदू कैलेंडर का एक महत्वपूर्ण दिन है। 

कुछ विशेष राखियाँ न केवल सजावट के लिए, बल्कि स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि के लिए भी बनाई जाती हैं। 

राखी के धागे को धार्मिक विश्वास के अनुसार, भाई-बहन के बीच सौहार्द और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। 

प्राचीन काल में, राखी के साथ भेंट देने की परंपरा थी, लेकिन आजकल उपहारों का आदान-प्रदान अधिक प्रचलित है। 

संस्कृत शब्द "रक्षा" का अर्थ होता है "रक्षा" और "बंध" का अर्थ होता है "बंधन", जिसे मिलाकर रक्षा बंधन शब्द बना है। 

कुछ परिवारों में रक्षा बंधन पर विशेष व्रत और पूजा का आयोजन किया जाता है, जिसमें भाई-बहन के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है। 

कुछ देशों में, जैसे कि अमेरिका और ब्रिटेन, भारतीय प्रवासियों द्वारा रक्षा बंधन मनाने की परंपरा शुरू की गई है।